कार्बन क्रेडिट क्या है?
संग्लन – जगदीश चन्द्रा
परिभाषाः कार्बन क्रेडिट एक तरह के “परमिट” (अनुमति पत्र) है जो एक टन (1000Kg), कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) या उसके समतुल्य अन्य ग्रीनहाउस गैसों को वातावरण में उत्सर्जित करने का अधिकार किसी कम्पनी या एजेंसी को देता है। इसे ऐसे समझिएः जो कंपनी/एजेंसी एक टन प्रदूषण कम करती है, उसे ये क्रेडिट इनाम में मिलते हैं। जो कंपनी / एजेंसी अधिक प्रदूषण फैलाती है, उसे क्रेडिट जुर्माने के रूप में खरीदने पड़ते हैं। इसे इस उदाहरण से समझें: मान लीजिए सरकार ने एक नियम बना दिया कि हर कंपनी / एजेंसी को साल में 100 टन CO₂ से अधिक उत्सर्जन करने की अनुमति नहीं है। अब एसी तीन विभिन्न कंपनियों की उदहारण देखते हैं:
A. (सोलर कंपनी) 20 टन 80 टन कम कार्बन उत्सर्जन कराती है तो यह 80 क्रेडिट बेचेगी अर्थात फायदे में रहेगी।
B. (सीमेंट कंपनी) 100 टन कार्बन उत्सर्जित कर लगभग सीमा पर है अतः कुछ नहीं करेगी।
C. (कोयला कंपनी) 180 टन कार्बन उत्सर्जित कर 80 टन अधिक कर रही है तो यह 80 क्रेडिट खरीदेगी जो उसकी लिए एक प्रकार का जुर्माना है।
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